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चालमोगरा – Chalmogra

चालमोगरा

Chalmogra

Hydnocarpus pentandrus (H. wightiana) · Achariaceae

संस्कृत नाम: तुवरक, कुष्ठवैरी

वृक्षविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागबीज का तेल (केवल बाहरी), बीज
तासीरगर्म
धूपहल्की धूप या आधी छाँव
पानीज़्यादा — मिट्टी नम रखें
लगाने का समयजुलाई, अगस्त

संक्षेप में: स्वाद में तीखा-चरपरा, कड़वा, कसैला, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है — यह विशेष सावधानी वाला पौधा है; इसका सेवन केवल वैद्य की देखरेख में करें।

₹75छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

चालमोगरा पश्चिमी घाट के जंगलों का सदाबहार पेड़ है, जिसके भूरे, गोल, मखमली फलों में तेल से भरे बीज होते हैं। आधुनिक दवाएँ आने से पहले चालमोगरा तेल सदियों तक कुष्ठ रोग (कोढ़) की मुख्य दवा रहा। संस्कृत नाम 'कुष्ठवैरी' इसी कारण है।

पारंपरिक उपयोग

  1. चालमोगरा तेल पुराने त्वचा रोग, खुजली, दाद और एक्ज़िमा में बाहरी रूप से लगाया जाता है।
  2. आयुर्वेद में शोधित तेल का प्रयोग त्वचा रोगों के योगों में वैद्य द्वारा।
  3. कुष्ठ रोग के इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है (आज कुष्ठ का पूरा इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ़्त है)।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
कटु (तीखा-चरपरा), तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला)
गुण (प्रकृति)
तीक्ष्ण (तेज़ असर वाला), स्निग्ध (चिकनाई वाला)
तासीर
गर्म
दोषों पर असर
कफ और वात को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

गर्म, नम जलवायु और छाँव-धूप पसंद है; पाले से बचाएँ। बरसात में लगाएँ। बिहार में धीरे बढ़ता है।

ध्यान दें

तेल और बीज खाने से उल्टी और पेट में तेज़ दर्द होता है — केवल बाहरी उपयोग, वह भी पहले थोड़ी जगह पर परखकर।

शब्दावली

शोधित
ख़ास विधि से साफ़ और सुरक्षित किया हुआ (यह काम केवल वैद्य करते हैं)
कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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