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एरण्ड (अरंडी) – Erand (Castor)

एरण्ड (अरंडी)

Erand (Castor)

Ricinus communis · Euphorbiaceae (एरण्ड कुल)

संस्कृत नाम: एरण्ड, पञ्चाङ्गुल, वातारि

जड़ी-बूटीविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागबीज का तेल (मुख्य), पत्ते, जड़
तासीरगर्म
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर
लगाने का समयफ़रवरी, जुलाई

संक्षेप में: स्वाद में मीठा, तीखा-चरपरा, कसैला, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है — यह विशेष सावधानी वाला पौधा है; इसका सेवन केवल वैद्य की देखरेख में करें।

₹50छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

अरंडी बड़े, हाथ के पंजे जैसे कटे पत्तों और लाल काँटेदार फलों वाला तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा है। इसके बीजों से अरंडी (कैस्टर) का तेल निकलता है, जो सबसे पुराना और प्रसिद्ध जुलाब है। आयुर्वेद में एरण्ड को वात रोगों का शत्रु ('वातारि') कहा गया है।

पारंपरिक उपयोग

  1. अरंडी का तेल कब्ज़ में जुलाब के रूप में पारंपरिक रूप से लिया जाता है (कभी-कभार, सही मात्रा में)।
  2. गरम अरंडी तेल की मालिश और पत्ते बाँधना जोड़ों के दर्द, कमर दर्द और साइटिका में।
  3. एरण्ड जड़ आयुर्वेद में वात रोगों के योगों में।
  4. बालों और भौंहों के लिए अरंडी तेल लगाने की परंपरा।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
मधुर (मीठा), कटु (तीखा-चरपरा), कषाय (कसैला)
गुण (प्रकृति)
गुरु (भारी, देर से पचने वाला), स्निग्ध (चिकनाई वाला), तीक्ष्ण (तेज़ असर वाला)
तासीर
गर्म
दोषों पर असर
वात को विशेष रूप से शांत करता है (संस्कृत नाम 'वातारि')।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, किसी भी मिट्टी में; बहुत तेज़ बढ़ता है। बरसात या फरवरी में बीज बोएँ।

ध्यान दें

बीज खाने योग्य नहीं हैं — थोड़े से बीज चबाने से भी गंभीर नुकसान हो सकता है। बच्चों से दूर रखें। गर्भावस्था में अरंडी तेल न लें।

शब्दावली

वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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