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मण्डूकपर्णी (ब्राह्मी बूटी) – Mandukparni (Gotu Kola)

मण्डूकपर्णी (ब्राह्मी बूटी)

Mandukparni (Gotu Kola)

Centella asiatica · Apiaceae (अजमोद कुल)

संस्कृत नाम: मण्डूकपर्णी, ब्राह्मी (कुछ ग्रंथों में)

जड़ी-बूटीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपूरा पौधा, पत्ते
तासीरठंडी
धूपहल्की धूप या आधी छाँव
पानीज़्यादा — मिट्टी नम रखें
लगाने का समयजून, जुलाई, अगस्त

संक्षेप में: स्वाद में कड़वा, कसैला, मीठा, तासीर ठंडी। जलन, एसिडिटी और गर्मी; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹100छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

मण्डूकपर्णी (गोटू कोला) नमी वाली जगह ज़मीन पर फैलने वाली बेल है, जिसके गोल, किनारे पर दाँतेदार पत्ते मेंढक के पंजे जैसे लगते हैं। उत्तर भारत में इसे भी 'ब्राह्मी' कहा जाता है, पर असली ब्राह्मी (Bacopa) अलग पौधा है। दोनों ही आयुर्वेद में बुद्धि बढ़ाने वाली (मेध्य) औषधियाँ हैं।

पारंपरिक उपयोग

  1. पत्तों का रस या चूर्ण याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए परंपरा से लिया जाता है।
  2. घाव भरने और त्वचा की देखभाल में — इसके तत्व आज क्रीमों में भी डाले जाते हैं।
  3. पत्तों की चटनी और सलाद श्रीलंका, केरल, बंगाल में खाया जाता है।
  4. नसों (वेरिकोज़ वेन्स) और त्वचा रोगों में आयुर्वेदिक योगों में।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला), मधुर (मीठा)
गुण (प्रकृति)
लघु (हल्का, जल्दी पचने वाला)
तासीर
ठंडी
दोषों पर असर
कफ और पित्त को शांत करती है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

हल्की छाँव और हमेशा नम मिट्टी; गमले या पानी के किनारे तेज़ी से फैलती है। किसी भी मौसम में बेल का टुकड़ा लगा दें।

ध्यान दें

लिवर की बीमारी में और गर्भावस्था में डॉक्टर से पूछकर ही लें।

शब्दावली

मेध्य
दिमाग़, याददाश्त और समझ बढ़ाने वाली
कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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