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मुलेठी – Mulethi (Liquorice)

मुलेठी

Mulethi (Liquorice)

Glycyrrhiza glabra · Fabaceae (शिम्बी कुल)

संस्कृत नाम: यष्टिमधु, मधुयष्टि, क्लीतक

जड़ी-बूटीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागजड़ (मुख्य)
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर
लगाने का समयफ़रवरी, मार्च

संक्षेप में: स्वाद में मीठा, तासीर ठंडी। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; जलन, एसिडिटी और गर्मी जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹100छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

मुलेठी 1–1.5 मीटर ऊँची झाड़ी है, जिसकी जड़ चीनी से भी कई गुना मीठी होती है — इसीलिए संस्कृत में इसे 'यष्टि-मधु' (मीठी लकड़ी) कहते हैं। आयुर्वेद में यह गले, आवाज़ और खाँसी की सबसे प्रसिद्ध औषधि है। बाज़ार में सूखी डंडियाँ मिलती हैं, जिन्हें चूसा जाता है।

पारंपरिक उपयोग

  1. मुलेठी की डंडी चूसने या चूर्ण शहद के साथ लेने से गले की ख़राश, सूखी खाँसी और बैठी आवाज़ में आराम मिलता है।
  2. गायक और वक्ता आवाज़ साफ़ रखने के लिए मुलेठी का उपयोग करते रहे हैं।
  3. पेट की जलन, एसिडिटी और मुँह के छालों में आयुर्वेद में इसका प्रयोग होता है।
  4. त्वचा की चमक के लिए उबटन और फेस-पैक में मुलेठी चूर्ण डाला जाता है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
मधुर (मीठा)
गुण (प्रकृति)
गुरु (भारी, देर से पचने वाला), स्निग्ध (चिकनाई वाला)
तासीर
ठंडी
विपाक (पचने के बाद)
मधुर (मीठा)
दोषों पर असर
वात और पित्त को शांत करती है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, गहरी, रेतीली-दोमट, अच्छी निकासी वाली मिट्टी। फरवरी–मार्च में जड़ के टुकड़े या पौधा लगाएँ; जलभराव से बचाएँ। जड़ तैयार होने में 2–3 साल लगते हैं। गहरे गमले में भी उगती है।

ध्यान दें

ब्लड प्रेशर, दिल या किडनी के मरीज़ और गर्भवती महिलाएँ लंबे समय तक न लें — इससे BP बढ़ सकता है और पोटैशियम घट सकता है।

शब्दावली

वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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