PARIJATNURSERY & GARDEN
Home › आयुर्वेदिक पौधे › राखी फूल
राखी फूल (कृष्ण कमल) – Rakhi Flower (Passion Flower)

राखी फूल (कृष्ण कमल)

Rakhi Flower (Passion Flower)

Passiflora incarnata / Passiflora caerulea · Passifloraceae

लता / बेलनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपत्ते, फूल, फल
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर
₹125छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

राखी फूल (कृष्ण कमल) एक बेल है, जिसके अनोखे फूल राखी जैसे दिखते हैं — बीच में तीन वर्तिकाएँ, पाँच पुंकेसर और चारों ओर बैंगनी-सफ़ेद धागों का घेरा। लोक-मान्यता में इसमें महाभारत (100 कौरव, 5 पांडव, कृष्ण का सुदर्शन) देखा जाता है। यह दक्षिण अमेरिका से आया है; यूरोप-अमेरिका की हर्बल चिकित्सा में इसके पत्ते नींद और घबराहट के लिए प्रसिद्ध हैं।

पारंपरिक उपयोग

  1. पत्तों की हल्की चाय पश्चिमी हर्बल परंपरा में बेचैनी, घबराहट और अनिद्रा में ली जाती है।
  2. फूल पूजा और सजावट में, विशेषकर कृष्ण पूजा में चढ़ाए जाते हैं।
  3. कुछ किस्मों के पके फल (पैशन फ्रूट जैसे) खाने योग्य होते हैं।
  4. बालकनी की जाली और बाड़ के लिए सुंदर, तेज़ बढ़ने वाली बेल।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप या हल्की छाँव, अच्छी निकासी वाली मिट्टी। बरसात या फरवरी–मार्च में लगाएँ; जाली का सहारा दें। गर्मी और बरसात में खूब फूलती है।

ध्यान दें

गर्भावस्था में और नींद/बेचैनी की दवा के साथ इसकी चाय न लें। कच्चे फल न खाएँ।

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

इसी तरह के और पौधे