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आयापान – Ayapan

आयापान

Ayapan

Ayapana triplinervis (Eupatorium triplinerve) · Asteraceae (भृंगराज कुल)

संस्कृत नाम: अयापान (लोक नाम)

जड़ी-बूटीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपत्ते
धूपहल्की धूप या आधी छाँव
पानीज़्यादा — मिट्टी नम रखें
लगाने का समयजून, जुलाई, अगस्त
₹50छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

आयापान ब्राज़ील से आई, लाल-बैंगनी तनों और हल्के बैंगनी फूलों वाली छोटी झाड़ी है। बंगाल-बिहार में इसके पत्ते खून रोकने वाली घरेलू दवा के रूप में प्रसिद्ध हैं। पत्ते मसलने पर हल्की सुगंध आती है।

पारंपरिक उपयोग

  1. ताज़े पत्ते मसलकर कटे घाव पर रखने से खून जल्दी रुकने की लोक-परंपरा है।
  2. पत्तों का काढ़ा दस्त, पेचिश और पेट दर्द में लोक-चिकित्सा में दिया जाता है।
  3. पत्तों का रस बवासीर में खून आने पर लोक-परंपरा में।
  4. छोटे गमले में आसानी से उगने वाली घरेलू औषधि।

कैसे लगाएँ और देखभाल

हल्की छाँव, नम मिट्टी, नियमित पानी। कलम से किसी भी मौसम में (बरसात सबसे अच्छी) आसानी से लग जाती है।

ध्यान दें

गहरे घाव या लगातार खून बहने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ।

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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