PARIJATNURSERY & GARDEN
गुलाब – Rose

गुलाब

Rose

Rosa damascena / Rosa × bourboniana (देसी गुलाब) · Rosaceae (गुलाब कुल)

संस्कृत नाम: शतपत्री, तरुणी

फूलनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपंखुड़ियाँ, फूल
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर
लगाने का समयअक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, फ़रवरी

संक्षेप में: स्वाद में मीठा, कड़वा, कसैला, तासीर ठंडी। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; जलन, एसिडिटी और गर्मी जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹100छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

किस्में: देसी गुलाब ₹100 · गुलाब (लाल) ₹115 · बटन गुलाब ₹100

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

गुलाब को 'फूलों का राजा' कहा जाता है। दवा, गुलाबजल और गुलकंद के लिए खुशबूदार देसी (दमिश्क) गुलाब सबसे अच्छा माना जाता है, न कि बिना खुशबू वाले हाइब्रिड गुलाब। आयुर्वेद में गुलाब ठंडक देने वाला, मन प्रसन्न करने वाला और हृदय के लिए हितकारी बताया गया है।

पारंपरिक उपयोग

  1. गुलकंद (पंखुड़ी और मिश्री) गर्मी, पेट की जलन, मुँह के छालों और कब्ज़ में पारंपरिक रूप से खाया जाता है।
  2. गुलाबजल आँखों को ठंडक देने और चेहरे की टोनर के रूप में लगाया जाता है।
  3. पंखुड़ियों का शरबत गर्मी में ठंडक और ताज़गी देता है।
  4. पूजा, माला, इत्र और सजावट में गुलाब का विशेष स्थान है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
मधुर (मीठा), तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला)
गुण (प्रकृति)
लघु (हल्का, जल्दी पचने वाला), स्निग्ध (चिकनाई वाला)
तासीर
ठंडी
दोषों पर असर
वात और पित्त को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

कम से कम 6 घंटे धूप, उपजाऊ अच्छी निकासी वाली मिट्टी और नियमित खाद। अक्टूबर–फरवरी लगाने का सबसे अच्छा समय है। हर साल अक्टूबर में छँटाई करें।

ध्यान दें

गुलकंद और खाने के लिए केवल बिना कीटनाशक वाली पंखुड़ियाँ लें।

शब्दावली

वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

इसी तरह के और पौधे