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सहिजन (मुनगा) – Sahjan (Moringa)

सहिजन (मुनगा)

Sahjan (Moringa)

Moringa oleifera · Moringaceae

संस्कृत नाम: शिग्रु, शोभाञ्जन, तीक्ष्णगन्ध

वृक्षनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपत्ते, फलियाँ (ड्रमस्टिक), फूल, छाल, बीज
तासीरगर्म
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में तीखा-चरपरा, कड़वा, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹90छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

सहिजन (मुनगा, ड्रमस्टिक) तेज़ी से बढ़ने वाला पेड़ है, जिसकी लंबी फलियाँ बिहार में सहजन की सब्ज़ी और दक्षिण में साँभर में खाई जाती हैं। इसके छोटे पत्ते प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और विटामिन से इतने भरपूर हैं कि इसे 'चमत्कारी पेड़' (मिरेकल ट्री) कहा जाता है।

पारंपरिक उपयोग

  1. पत्तों का साग या सूखा पाउडर खून की कमी और कुपोषण में पौष्टिक आहार के रूप में दिया जाता है।
  2. फूलों और फलियों की सब्ज़ी बसंत में मौसम बदलने पर खाने की परंपरा।
  3. छाल और जड़ का लेप जोड़ों की सूजन पर आयुर्वेद में।
  4. बीजों से गंदा पानी साफ़ करने की पारंपरिक विधि।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
कटु (तीखा-चरपरा), तिक्त (कड़वा)
गुण (प्रकृति)
लघु (हल्का, जल्दी पचने वाला), रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला), तीक्ष्ण (तेज़ असर वाला)
तासीर
गर्म
दोषों पर असर
कफ और वात को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; जलभराव नहीं। बरसात में पौधा या मोटी डाल की कलम लगाएँ; PKM-1 जैसी किस्में 8–10 महीने में फलियाँ देती हैं। सालाना छँटाई से छोटा रखें।

ध्यान दें

गर्भावस्था में जड़ और छाल न लें।

शब्दावली

कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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