
सागवान
Teak (Sagwan)
Tectona grandis · Lamiaceae
संस्कृत नाम: शाक, खरच्छद, द्वारदारु
संक्षेप में: स्वाद में कसैला, मीठा, तासीर ठंडी। जलन, एसिडिटी और गर्मी; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।
डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क
परिचय
सागवान (सागौन) दुनिया की सबसे क़ीमती इमारती लकड़ियों में से एक है — दीमक, पानी और मौसम से न ख़राब होने वाली सुनहरी-भूरी लकड़ी। इसके बहुत बड़े, खुरदुरे पत्ते मसलने पर लाल रंग छोड़ते हैं। संस्कृत नाम 'द्वारदारु' बताता है कि पुराने समय से इससे दरवाज़े बनते आए हैं।
पारंपरिक उपयोग
- लकड़ी से दरवाज़े, खिड़की, फर्नीचर और नाव बनती हैं; खेत की मेड़ पर लगाना किसानों के लिए लंबी अवधि का निवेश है।
- लोक-परंपरा में छाल का काढ़ा दस्त और लकड़ी का लेप सिरदर्द-सूजन में लगाया जाता है।
- कोमल पत्तों से प्राकृतिक लाल-भूरा रंग बनता है।
- फूलों और बीजों का प्रयोग आयुर्वेद में पेशाब की तकलीफ़ में बताया गया है।
आयुर्वेदिक गुण
- रस (स्वाद)
- कषाय (कसैला), मधुर (मीठा)
- तासीर
- ठंडी
- दोषों पर असर
- कफ और पित्त को शांत करता है।
कैसे लगाएँ और देखभाल
पूरी धूप, गहरी, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; जलभराव से बचाएँ। बरसात में लगाएँ। 15–20 साल में अच्छी लकड़ी; सर्दी में पत्ते झड़ते हैं।
शब्दावली
- कफ
- शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
- पित्त
- शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी
यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
इसी तरह के और पौधे
साल (सखुआ)Sal (Sakhua)वृक्षनर्सरी में उपलब्ध · ₹75
सुपारीSupari (Areca Nut)वृक्षविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध · ₹180
सेमलSemal (Silk Cotton)वृक्षनर्सरी में उपलब्ध · ₹50
हरड़ (हरीतकी)Harad (Haritaki)वृक्षनर्सरी में उपलब्ध · ₹150
अंकोल (ढेरा)Ankolवृक्षनर्सरी में उपलब्ध · ₹75
अगस्त (अगस्तिया)Agast (Hummingbird Tree)वृक्षनर्सरी में उपलब्ध · ₹100