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सुपारी – Supari (Areca Nut)

सुपारी

Supari (Areca Nut)

Areca catechu · Arecaceae (ताल कुल)

संस्कृत नाम: पूग, गुवाक, क्रमुक

वृक्षविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागबीज (सुपारी), कोमल पत्ते, जड़
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीज़्यादा — मिट्टी नम रखें

संक्षेप में: स्वाद में कसैला, मीठा, तासीर ठंडी। जलन, एसिडिटी और गर्मी; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है — यह विशेष सावधानी वाला पौधा है; इसका सेवन केवल वैद्य की देखरेख में करें।

₹180छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

सुपारी का पेड़ पतले, सीधे तने वाला सुंदर ताड़ (पाम) है, जिस पर नारंगी-लाल फलों के गुच्छे लगते हैं। पूजा में सुपारी को गणेश जी का प्रतीक मानकर रखा जाता है। पान के साथ थोड़ी सुपारी खाने की परंपरा है, पर इसकी लत सेहत के लिए बहुत हानिकारक है।

पारंपरिक उपयोग

  1. पूजा, विवाह और शुभ कार्यों में 'पूगीफल' के रूप में सुपारी अनिवार्य है।
  2. आयुर्वेद में बहुत थोड़ी मात्रा में पेट के कीड़ों और पाचन के योगों में इसका प्रयोग बताया गया है।
  3. पौधा घर के अंदर-बाहर सुंदर सजावटी पाम के रूप में लगाया जाता है।
  4. सूखे पत्तों के आवरण (खोल) से इको-फ्रेंडली प्लेट और दोने बनते हैं।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
कषाय (कसैला), मधुर (मीठा)
गुण (प्रकृति)
गुरु (भारी, देर से पचने वाला), रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला)
तासीर
ठंडी
दोषों पर असर
कफ और पित्त को शांत करती है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

गर्म, नम जलवायु, धूप या हल्की छाँव, नियमित पानी; पाले से बचाएँ। बरसात में लगाएँ। गमले में सजावटी पाम के रूप में अच्छा; फल के लिए कई साल लगते हैं।

ध्यान दें

रोज़ सुपारी चबाने की आदत मुँह के कैंसर और 'ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस' (मुँह न खुलना) का बड़ा कारण है — सुपारी और गुटखे की लत से बचें।

शब्दावली

कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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