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सर्पगंधा – Sarpagandha

सर्पगंधा

Sarpagandha

Rauvolfia serpentina · Apocynaceae

संस्कृत नाम: सर्पगन्धा, चन्द्रिका, नाकुली

जड़ी-बूटीविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागजड़ (मुख्य)
तासीरगर्म
धूपहल्की धूप या आधी छाँव
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में कड़वा, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है — यह विशेष सावधानी वाला पौधा है; इसका सेवन केवल वैद्य की देखरेख में करें।

₹70छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

सर्पगंधा 30–60 सेमी की छोटी झाड़ी है, जिस पर लाल डंठल वाले सफ़ेद-गुलाबी फूलों के गुच्छे और फिर चमकीले लाल-काले फल लगते हैं। पुराने समय में इसकी जड़ साँप के काटने और पागलपन में दी जाती थी। इसी की जड़ से निकले 'रेसरपीन' से 1950 के दशक में दुनिया की पहली BP की दवाओं में से एक बनी थी।

पारंपरिक उपयोग

  1. आयुर्वेद में जड़ का प्रयोग ऊँचे BP, अनिद्रा और मानसिक बेचैनी के योगों में, केवल वैद्य की देखरेख में होता है।
  2. लोक-परंपरा में जड़ का लेप साँप-बिच्छू के काटने पर लगाया जाता था (आज साँप काटने पर तुरंत अस्पताल जाएँ)।
  3. औषधीय खेती में किसानों के लिए अच्छी आमदनी वाली फसल।
  4. औषधीय बगीचे में पहचान और जानकारी के लिए महत्वपूर्ण पौधा।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
तिक्त (कड़वा)
गुण (प्रकृति)
रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला)
तासीर
गर्म
दोषों पर असर
कफ और वात को शांत करती है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

हल्की छाँव, नम, उपजाऊ, अच्छी निकासी वाली मिट्टी। बरसात में बीज या कलम लगाएँ। जड़ 18 महीने में तैयार होती है।

ध्यान दें

यह बहुत तेज़ असर वाली दवा है — ख़ुद से कभी न लें। उदासी (डिप्रेशन), पेट के अल्सर और गर्भावस्था में बिल्कुल नहीं। BP की दवा डॉक्टर की सलाह से ही।

शब्दावली

कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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