
अमलतास
Amaltas (Golden Shower)
Cassia fistula · Fabaceae (शिम्बी कुल)
संस्कृत नाम: आरग्वध, राजवृक्ष, कृतमाल
संक्षेप में: स्वाद में मीठा, तासीर ठंडी। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; जलन, एसिडिटी और गर्मी जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।
डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क
परिचय
गर्मी में जब यह पेड़ पीले फूलों के लंबे गुच्छों से भर जाता है तो इसे 'गोल्डन शावर' कहते हैं। इसकी लंबी, काली, बेलन जैसी फलियों में मीठा काला गूदा होता है। आयुर्वेद में इसे सबसे सौम्य और सुरक्षित जुलाब (मृदु विरेचन) माना गया है, जो बच्चों और बूढ़ों को भी दिया जाता था।
पारंपरिक उपयोग
- फली का गूदा कब्ज़ में हल्के जुलाब की तरह पारंपरिक रूप से दिया जाता है।
- आयुर्वेद में इसे 'कुष्ठघ्न' कहा गया है; पत्तों का लेप दाद, खुजली और त्वचा रोगों में लगाया जाता है।
- गूदे को गुनगुने पानी में घोलकर गरारे करने से गले की ख़राश में आराम मिलता है।
- सड़क किनारे और पार्क में छायादार व सुंदर पेड़ के रूप में लगाया जाता है।
आयुर्वेदिक गुण
- रस (स्वाद)
- मधुर (मीठा)
- गुण (प्रकृति)
- गुरु (भारी, देर से पचने वाला), मृदु (मुलायम, हल्के असर वाला), स्निग्ध (चिकनाई वाला)
- तासीर
- ठंडी
- दोषों पर असर
- वात और पित्त को शांत करता है।
कैसे लगाएँ और देखभाल
पूरी धूप, सूखा सहन कर लेता है। बरसात में लगाएँ। 4–5 साल में फूल देने लगता है; मई–जून में खिलता है।
ध्यान दें
ज़्यादा मात्रा में पेट में मरोड़ और दस्त हो सकते हैं; गर्भावस्था में न लें।
शब्दावली
- मृदु विरेचन
- हल्का जुलाब
- कुष्ठघ्न
- त्वचा के रोग दूर करने वाली
- वात
- शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी
- पित्त
- शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी
यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।





