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बाँस – Bamboo

बाँस

Bamboo

Bambusa vulgaris / Bambusa arundinacea · Poaceae (तृण कुल)

संस्कृत नाम: वंश, वेणु, त्वक्सार

वृक्षनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागवंशलोचन (बाँस के अंदर जमा सफ़ेद पदार्थ), कोमल कोपलें, पत्ते, जड़
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में मीठा, कसैला, तासीर ठंडी। जलन, एसिडिटी और गर्मी; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹150छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

किस्में: बाँस (गोल्डन) ₹150 · बाँस (हेज) ₹150

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

बाँस दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ने वाली घास है — कुछ किस्में एक दिन में कई सेंटीमीटर बढ़ जाती हैं। इसका उपयोग घर, सीढ़ी, टोकरी, सूप-डाला से लेकर छठ पूजा तक हर जगह होता है। आयुर्वेद का 'वंशलोचन' (तबाशीर), जो सितोपलादि चूर्ण में डलता है, बाँस की गाँठों के अंदर बनता है।

पारंपरिक उपयोग

  1. वंशलोचन वाला सितोपलादि चूर्ण खाँसी, सर्दी और कमज़ोरी में आयुर्वेद का प्रसिद्ध योग है।
  2. कोमल बाँस की कोपलों (करील) की सब्ज़ी और अचार उत्तर-पूर्व और झारखंड में खाया जाता है।
  3. पत्तों का काढ़ा लोक-परंपरा में खाँसी और पशुओं के चारे में उपयोग होता है।
  4. छठ का सूप-डाला, टोकरी, घर बनाने और बाड़ लगाने में बाँस अनिवार्य है।
  5. तेज़ी से बढ़ने के कारण मिट्टी कटाव रोकने और हरी दीवार (स्क्रीन) बनाने के लिए अच्छा।

आयुर्वेदिक गुण

गुण
वंशलोचन — रस: मधुर (मीठा), कषाय (कसैला) · तासीर: ठंडी
दोषों पर असर
वंशलोचन पित्त और कफ को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, नम मिट्टी। बरसात में प्रकंद या पौधा लगाएँ। गोल्डन बाँस और हेज बाँस बगीचे-बाड़ के लिए; जड़ें फैलती हैं, इसलिए दीवार से दूरी रखें।

ध्यान दें

कच्ची कोपलें अच्छी तरह उबालकर ही खाएँ; कच्ची खाने पर हानिकारक हैं।

शब्दावली

पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी
कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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