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गुलदाउदी – Chrysanthemum

गुलदाउदी

Chrysanthemum

Chrysanthemum morifolium · Asteraceae (भृंगराज कुल)

संस्कृत नाम: सेवन्ती (कुछ ग्रंथों में)

फूलनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागफूल
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर
लगाने का समयजुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर
₹55छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

गुलदाउदी सर्दियों का सबसे शानदार फूल है, जो सफ़ेद, पीले, लाल, गुलाबी और बैंगनी रंगों में छोटे बटन से लेकर बड़े गेंद जितने आकार में खिलता है। चीन और जापान की पारंपरिक चिकित्सा में इसके फूलों की चाय बहुत प्रसिद्ध है। भारत में यह मुख्य रूप से सजावट और पूजा का फूल है।

पारंपरिक उपयोग

  1. सूखे फूलों की चाय पारंपरिक चीनी चिकित्सा में आँखों की थकान और गर्मी की जलन में पी जाती है।
  2. फूल पूजा, माला और सजावट में काम आते हैं।
  3. नासा के अध्ययन में इसे घर की हवा साफ़ करने वाले पौधों में गिना गया था।
  4. बालकनी और छत पर सर्दी के रंगों के लिए सबसे अच्छा गमले का पौधा।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, उपजाऊ मिट्टी। जुलाई–अगस्त में कलम या पौधा लगाएँ; नवंबर–दिसंबर में फूल आते हैं। फूलों के बाद पौधा काटकर अगले साल के लिए नई कलम तैयार करें।

ध्यान दें

कुछ लोगों को इसके परागकण या रस से त्वचा पर एलर्जी होती है।

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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