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सदाबहार – Sadabahar (Periwinkle)

सदाबहार

Sadabahar (Periwinkle)

Catharanthus roseus · Apocynaceae

संस्कृत नाम: सदापुष्पी, नित्यकल्याणी

फूलविशेष सावधानीनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागपत्ते, फूल, जड़ (केवल दवा उद्योग के लिए)
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर
₹90छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

सदाबहार साल के बारहों महीने गुलाबी, सफ़ेद या बैंगनी फूल देने वाला छोटा, बहुत कम देखभाल वाला पौधा है। मेडागास्कर से आए इस पौधे से दो महत्वपूर्ण कैंसर-रोधी दवाएँ (विन्क्रिस्टिन और विनब्लास्टिन) बनाई जाती हैं, जो इसके अंदर बहुत कम मात्रा में होती हैं। लोक-चिकित्सा में इसके पत्ते शुगर के लिए प्रसिद्ध हैं।

पारंपरिक उपयोग

  1. लोक-परंपरा में इसके पत्ते शुगर संतुलन के लिए चबाए जाते हैं — पर यह तेज़ असर वाला पौधा है, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना ऐसा न करें।
  2. इसी पौधे से कैंसर की दवाएँ फैक्ट्री में शुद्ध करके बनती हैं; घर पर पत्ते खाने से यह असर नहीं मिलता।
  3. पत्तों का लेप लोक-परंपरा में ततैया के डंक और घाव पर लगाया जाता है।
  4. बगीचे की क्यारी, गमले और कठिन सूखी जगहों में सालभर फूलों के लिए सबसे आसान पौधा।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, अच्छी निकासी वाली मिट्टी, कम पानी। किसी भी मौसम में लगा सकते हैं; बीज से अपने आप उग आता है।

ध्यान दें

यह पौधा खाने योग्य नहीं है — पत्ते या फूल खाने से बचें, विशेषकर बच्चे और पालतू जानवर। शुगर की दवा के साथ इसके पत्ते न लें।

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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