PARIJATNURSERY & GARDEN
चंदन – Sandalwood

चंदन

Sandalwood

Santalum album · Santalaceae

संस्कृत नाम: श्रीखण्ड, चन्दन, मलयज

वृक्षनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागअंदर की सुगंधित लकड़ी (सारकाष्ठ), तेल
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में कड़वा, मीठा, तासीर ठंडी। जलन, एसिडिटी और गर्मी; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹135छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

सफ़ेद चंदन दुनिया की सबसे क़ीमती सुगंधित लकड़ियों में से एक है। यह आंशिक परजीवी पेड़ है, जिसकी जड़ें पास के दूसरे पौधों की जड़ों से कुछ पोषण लेती हैं। आयुर्वेद में चंदन सबसे ठंडक देने वाली औषधि है और तिलक, पूजा व इत्र में इसका विशेष स्थान है।

पारंपरिक उपयोग

  1. चंदन का लेप माथे पर लगाने से सिरदर्द और गर्मी में ठंडक मिलती है।
  2. त्वचा की जलन, घमौरी और मुहाँसों पर चंदन का लेप लगाया जाता है।
  3. आयुर्वेद में इसका प्रयोग पेशाब की जलन और ज़्यादा प्यास में बताया गया है।
  4. चंदन तेल इत्र, अगरबत्ती और साबुन में उपयोग होता है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
तिक्त (कड़वा), मधुर (मीठा)
गुण (प्रकृति)
लघु (हल्का, जल्दी पचने वाला), रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला)
तासीर
ठंडी
दोषों पर असर
पित्त और कफ को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, अच्छी निकासी वाली लाल या दोमट मिट्टी। शुरुआत में इसके साथ अरहर, कढ़ी पत्ता या मेहंदी जैसा 'साथी पौधा' लगाएँ, क्योंकि यह जड़ों से उनसे पोषण लेता है। सुगंधित लकड़ी बनने में 15–20 साल लगते हैं।

ध्यान दें

चंदन का पेड़ काटने और बेचने के लिए राज्य के वन-नियमों का पालन ज़रूरी है।

शब्दावली

पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी
कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

इसी तरह के और पौधे