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आँवला – Amla

आँवला

Amla

Phyllanthus emblica · Phyllanthaceae

संस्कृत नाम: आमलकी, धात्री, अमृतफल

फलदारनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागफल (मुख्य), बीज, पत्ते, छाल
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीकम — मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में खट्टा, तासीर ठंडी। वात, पित्त और कफ — तीनों को संतुलित रखने वाली।

₹100छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

आँवला आयुर्वेद का सबसे प्रसिद्ध रसायन फल है — च्यवनप्राश और त्रिफला दोनों का मुख्य घटक। एक आँवले में कई संतरों जितना विटामिन C होता है, जो पकाने-सुखाने पर भी काफ़ी हद तक बचा रहता है। कार्तिक में आँवला नवमी पर इस पेड़ की पूजा और इसके नीचे भोजन करने की परंपरा है।

पारंपरिक उपयोग

  1. रोज़ एक आँवला, मुरब्बा या रस रोग-प्रतिरोधक क्षमता और पाचन के लिए पारंपरिक रूप से लिया जाता है।
  2. बालों का झड़ना और समय से पहले सफ़ेद होना रोकने के लिए आँवला तेल और चूर्ण का प्रयोग होता है।
  3. आँखों की रोशनी और त्वचा की चमक के लिए आयुर्वेद में इसे सर्वोत्तम माना गया है।
  4. एसिडिटी और पेट की जलन में आँवला चूर्ण दिया जाता है।
  5. त्रिफला (आँवला, हरड़, बहेड़ा) कब्ज़ और पेट साफ़ करने का प्रसिद्ध योग है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
पाँचों (लवण (नमकीन) को छोड़कर), मुख्य रूप से अम्ल (खट्टा)
गुण (प्रकृति)
गुरु (भारी, देर से पचने वाला), रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला)
तासीर
ठंडी
विपाक (पचने के बाद)
मधुर (मीठा)
दोषों पर असर
तीनों दोषों को शांत करता है, विशेषकर पित्त।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, किसी भी मिट्टी में — खारी और सूखी ज़मीन भी चलती है। बरसात में लगाएँ। NA-7, कंचन जैसी कलमी किस्में 3–4 साल में फल देती हैं; अच्छे फल के लिए दो किस्में पास-पास लगाएँ।

ध्यान दें

बहुत ठंडा होने से सर्दी-ज़ुकाम की प्रवृत्ति वाले लोग रात को आँवला न लें।

शब्दावली

रसायन
शरीर को ताक़त देने, रोगों से बचाने और बुढ़ापा धीमा करने वाली औषधि
त्रिफला
आँवला, हरड़ और बहेड़ा — तीन फलों का मिश्रण
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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