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अमड़ा – Amra (Hog Plum)

अमड़ा

Amra (Hog Plum)

Spondias pinnata / Spondias dulcis · Anacardiaceae (आम्र कुल)

संस्कृत नाम: आम्रातक

फलदारनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागफल, छाल, पत्ते
तासीरगर्म
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में खट्टा, कसैला, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹145छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

अमड़ा (आम्रातक) आम परिवार का पेड़ है, जिसके हरे-पीले खट्टे फल अचार, चटनी और सब्ज़ी में बहुत पसंद किए जाते हैं। बिहार-बंगाल में अमड़े की खट्टी-मीठी चटनी हर घर की पहचान है। हाइब्रिड अमड़ा कम ऊँचाई पर जल्दी फल देता है।

पारंपरिक उपयोग

  1. कच्चे फल का अचार और चटनी भूख बढ़ाने और पाचन के लिए खाई जाती है।
  2. फल विटामिन C से भरपूर है; पारंपरिक रूप से स्कर्वी (मसूड़ों से खून) में उपयोगी माना गया।
  3. छाल का काढ़ा दस्त और पेचिश में लोक-चिकित्सा में दिया जाता है।
  4. पत्तों का रस कान के दर्द में लोक-परंपरा में डाला जाता है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
अम्ल (खट्टा), कषाय (कच्चा फल), पका फल मधुर (मीठा)-अम्ल (खट्टा)
तासीर
गर्म (कच्चा फल)
दोषों पर असर
वात को शांत करता है; कच्चा फल ज़्यादा खाने पर पित्त बढ़ा सकता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, सामान्य मिट्टी। बरसात (जून–अगस्त) में लगाना सबसे अच्छा। हाइब्रिड अमड़ा बड़े गमले में भी 1–2 साल में फल देने लगता है।

शब्दावली

वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी
पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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