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मौसंबी – Mosambi (Sweet Lime)

मौसंबी

Mosambi (Sweet Lime)

Citrus limetta · Rutaceae (जम्बीर कुल)

संस्कृत नाम: मधुकर्कटी (कुछ ग्रंथों में)

फलदारनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागफल का रस, छिलका
तासीरठंडी
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर

संक्षेप में: स्वाद में मीठा, खट्टा, तासीर ठंडी। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; जलन, एसिडिटी और गर्मी जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹185छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

मौसंबी हल्की मीठी, कम खट्टी, रसीली नींबू-प्रजाति का फल है। अस्पताल में मरीज़ों को सबसे पहले मौसंबी का जूस ही दिया जाता है, क्योंकि यह हल्का, ठंडक देने वाला और पचने में आसान है। विटामिन C और पानी से भरपूर होने के कारण गर्मी और बुखार में बहुत उपयोगी है।

पारंपरिक उपयोग

  1. बुखार, बीमारी के बाद कमज़ोरी और भूख न लगने में मौसंबी का जूस दिया जाता है।
  2. गर्मी में शरीर में पानी की कमी और थकान दूर करता है।
  3. विटामिन C से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  4. छिलके का सूखा चूर्ण उबटन में डाला जाता है।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
मधुर (मीठा), हल्का अम्ल (खट्टा)
तासीर
ठंडी
दोषों पर असर
पित्त और वात को शांत करती है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

पूरी धूप, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; जलभराव से बचाएँ। बरसात या फरवरी–मार्च में कलमी पौधा लगाएँ; 3 साल में फल।

ध्यान दें

जूस को निकालकर तुरंत पिएँ; ज़्यादा देर रखने पर कड़वा हो जाता है।

शब्दावली

पित्त
शरीर की गर्मी और पाचन वाली शक्ति; बिगड़ने पर जलन, एसिडिटी, ज़्यादा गर्मी और फोड़े-फुंसी
वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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