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अजमोद – Ajmod (Celery)

अजमोद

Ajmod (Celery)

Apium graveolens · Apiaceae (अजमोद कुल)

संस्कृत नाम: अजमोदा, दीप्यक (कुछ ग्रंथों में)

मसाले व बीजनर्सरी में उपलब्ध
उपयोगी भागबीज (मुख्य), पत्ते, डंठल
तासीरगर्म
धूपपूरी धूप
पानीमध्यम — ऊपर की मिट्टी सूखने पर
लगाने का समयअक्टूबर, नवंबर

संक्षेप में: स्वाद में तीखा-चरपरा, कड़वा, तासीर गर्म। गैस, जोड़ों का दर्द और रूखापन; बलगम, सर्दी-खाँसी और भारीपन जैसी तकलीफ़ों में सहायक मानी जाती है।

₹75छोटे पौधे का मूल्य · बड़े आकार का मूल्य अलग

डिलीवरी ₹100 से (200 कि.मी. तक) · नर्सरी से लेने पर निःशुल्क

परिचय

अजमोद (सेलेरी) अजवायन परिवार का पौधा है, जिसके मोटे, रसीले हरे डंठल सलाद-सूप में और छोटे भूरे बीज मसाले व दवा में काम आते हैं। आयुर्वेद का 'अजमोदादि चूर्ण' जोड़ों के दर्द के लिए प्रसिद्ध है। (कुछ ग्रंथों में अजमोदा नाम से अजवायन जैसा एक दूसरा पौधा भी लिया जाता है।)

पारंपरिक उपयोग

  1. बीज का चूर्ण गैस, पेट फूलने और अपच में पारंपरिक रूप से लिया जाता है।
  2. अजमोदादि चूर्ण जोड़ों के दर्द और सूजन (आमवात) में आयुर्वेद में प्रयोग होता है।
  3. बीज पेशाब खुलकर लाने वाले (मूत्रल) माने गए हैं।
  4. डंठल और पत्ते सूप, सलाद और जूस में खाए जाते हैं।

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)
कटु (तीखा-चरपरा), तिक्त (कड़वा)
गुण (प्रकृति)
लघु (हल्का, जल्दी पचने वाला), रूक्ष (रूखा, नमी सुखाने वाला), तीक्ष्ण (तेज़ असर वाला)
तासीर
गर्म
दोषों पर असर
कफ और वात को शांत करता है।

कैसे लगाएँ और देखभाल

ठंडा मौसम पसंद है। अक्टूबर–नवंबर में बीज बोएँ; धूप, उपजाऊ नम मिट्टी और नियमित पानी दें। गमले में भी उगता है।

ध्यान दें

गर्भावस्था में बीज दवा की मात्रा में न लें। कुछ लोगों को सेलेरी से एलर्जी होती है।

शब्दावली

आमवात
जोड़ों में सूजन और दर्द वाला रोग (गठिया जैसा)
मूत्रल
पेशाब बढ़ाने वाली
कफ
शरीर की नमी और बलगम वाली शक्ति; बिगड़ने पर सर्दी-खाँसी, बलगम, भारीपन और सुस्ती
वात
शरीर की हवा/गति वाली शक्ति; बिगड़ने पर गैस, जोड़ों का दर्द, रूखापन, कब्ज़ और बेचैनी

यह जानकारी पारंपरिक आयुर्वेद और लोक-ज्ञान पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है, इलाज के लिए नहीं। किसी भी बीमारी में डॉक्टर या पंजीकृत आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से ही दवा लें, और चल रही दवा अपने आप बंद न करें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों और पहले से दवा ले रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

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